नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा

नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा

नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा : कालसर्प दोष पूजा उन जातकों की करी जाती है जिनकी कुंडली में यह दोष  बन जाता है ।

उसके कारण उन्हें अनेक कष्ट या हानियां होती । जैसा कि आप जानते हैं कि यह दोष तब गोचर होता है जब राहु एवं केतु के मध्य बाकी के सातों ग्रह आ जाते हैं ।

माना जाता है राहु सर्प के सिर में और केतु पूंछ में उपस्थित होता है तो कुंडली में जब यह योग बनता है तो सभी ग्रह इन दोनों के बीच में यानी इस सांप की कुंडली में फंस जाते हैं ।

जिस कारण से जातक का भाग्य कुंडली में बंध जाता है ,   उसे अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । इस योग की उपस्थित कुंडली में विशेष रूप से हानिकारक मानी जाती है ।

Read this information in English. Click here.
अंकित गुरूजी से अपनी कुंडली निशुल्क जांचे 08378000068

काल सर्प पूजा नासिक त्र्यंबकेश्वर

नासिक में मुख्य रूप से एक मात्र त्र्यंबकेश्वर  मंदिर ही है जहां पर कालसर्प योग दोष पूजा होती है । त्र्यंबकेश्वर  मंदिर काले पत्थरोंसे बना हुआ एक मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है।

त्र्यंबकेश्वर , त्रिंबक शहर का एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो भारत के महाराष्ट्र राज्य के नासिक शहर से लगभग 32 किलोमीटर दूर है ।

यह धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से 1 ज्योतिर्लिंग माना जाता है । यह ब्रम्हगिरी पहाड़ियों की तलहटी में बसा हुआ गोदावरी नदी के तट पर स्थापित ज्योतिर्लिंग है ।

इसमें भगवान शिव महामृत्युंजय त्र्यंबकेश्वर  की पूजा की जाती है। इसमें पूजा घर में परिवार के सभी सदस्य या अन्य समूहों में पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें पंडित मंत्रों का जाप करते हैं तथा जातक पूजा में विलीन होकर उन मंत्रों में खुद को समाहित करते हैं।

जातक के जीवन में कालसर्प दोष का प्रभाव उसके जीवन के ४९ बरसों तक रहता है।कभी-कभी यह जीवन भर भी रहता है।दोस्तों कालसर्प योग दोष पूजा  3 घंटे का पूजन होता है जो कि विशेष तिथि पर संपन्न होता है ।

त्र्यंबकेश्वर  मंदिर में देश विदेशों से अनेकों जातक कालसर्प दोष की शांति के लिए पूजा कराने के लिए आते हैं|

त्र्यंबकेश्वर  मंदिर में पूजन का समय

सामान्य दर्शन समय  – सुबह 5: 30 से रात्रि के 9: 00 बजेतक

विशिष्ट पूजा – प्रातः 7: 00 बजे से प्रातः 9: 00 बजेतक

दोपहर की पूजा – दोपहर 1: 00 बजे से दोपहर 1: 30 तक

नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा के लिए आपको प्रातः 6: 00 बजे से पहले मंदिर आना होता है तथा गोदावरी नदी में पवित्र स्नान कर पूजा अर्चना करनी होती है ।

इस पूजा में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होता है जो कि निम्नप्रकार से है ।

  • इस पूजा के लिए पहले अपने से योजना अवश्य बना ले ।
  • इस पूजा में पहले सिर से पैर तक नहाना होता है ।
  • आदमी जातक एक अंडरवियर  ,एक बनियान , एक कुर्ता और एक धोती अपने पास अवश्य रखें ।यह सभी नए हों।
  • महिला जातक एक साड़ी, एक ब्लाउज, एक पेटिकोट और एक रुमाल अपने पास अवश्य रखें ।
  • यह नए कपड़े होने चाहिए तथा काले या हरे रंग के नहीं होने चाहिए ।
  • पूजा समाप्त होने के बाद कपड़े त्र्यंबकेश्वर  में ही छोड़ कर जाना चाहिए , आप उन्हें घर पर नहीं ले जा सकते ।
  • असुविधा से बचने के लिए अपना नाम , दिनांक और मोबाइल नंबर पंडित  के  साथ आदान प्रदान कर लें ।
  • भक्त विधि से  1  दिन पहले त्र्यंबकेश्वर  पहुंच कर अपने लिए कमरा बुक कर ले ।

नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा के लाभ

  • यह पूजा अथवा अनुष्‍ठा न कराने से आपके महत्वपूर्ण कार्य संपन्‍न होते हैं ।
  • इस पूजा के प्रभाव से आपके जितने भी रुके हुए काम हैं वो पूरे हो जाते हैं ।
  • शारीरिक और मानसिक चिंताएं दूर होती हैं ।
  • इस पूजा के प्रभाव से नौकरी, करियर और जीवन में आ रही सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती है ।
  • अनुष्‍ठान कराने से जीवन खुशहाल एवं समृद्ध बनता है ।
  • इस पूजा के प्रभाव से सुखद वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है ।
  • व्यावसायिक जीवन एवम पदमें उन्नति प्रदान होती है ।
  • संतान  प्राप्ति  होती है संतति को होने वाले विकार दूर हो जाते हैं।
  • समय-समय पर लगने वाली चोटों से राहत प्राप्त होती है , दुर्घटना या अकाल मृत्यु का संभावना कम हो जाती है।
  • यहां पर कालसर्प योग की शांति करने वाले जातक को अपने जीवन में अपार सफलताएं प्राप्त होती हैं उनकी कुंडली में राहु लाभकारी स्थिति में हो जाता है।
  • पूजा करने के पश्चात जातक एकाग्र चित्त होकर के अपना कार्य एवं व्यवसाय करते हैं।
  • कालसर्प योग वाले जातक साहसी एवं जोखिम उठाने वाले होते हैं जिस कारण से उन्हें अपार सफलता प्राप्त होती है।
  • कालसर्प योग की शांति करने के पश्चात जातक की कुंडली में यदि राहु अच्छी स्थिति में हो तो जातक की कल्पना शक्ति बहुत अच्छी हो जाती है एवं जीवन में शांति आ जाती है।
अंकित गुरूजी से संपर्क करे 08378000068

त्र्यंबकेश्वर मंदिर में निम्न पूजा संस्कार भी संपन्न कराए जाते हैं :

नासिक त्र्यंबकेश्वर कालसर्प पूजा

कालसर्प दोष पूजाके लिए त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजन का समय 1 दिन का है जिसमें लगभग 3 घंटे का समय लगता है। इस पूजा संस्कार के लिए आवश्यक है कि जातक प्रातः 6: 00 बजे से पहले मुहूर्त के समय मंदिर में अवश्य पहुंच जाएं। यह संस्कार प्रातः 7: 30 बजे से प्रारंभ होकर प्रातः 10: 30 बजे तक संपन्न होता है। तत्पश्चात समस्त प्रक्रियाओं को पूरा कर जातक दोपहर 12: 00 बजे तक त्र्यंबकेश्वर  से प्रस्थान कर सकते हैं।

नारायण नागबली-

नारायण नागबली संस्कार के लिए त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजन का समय 3 दिनों काहै। इस संस्कार हेतु आवश्यक है कि जातक तीन से चार दिनों का समय निकालकर त्र्यंबकेश्वर  में आए। शास्त्रों के अनुसार नारायण नागबली पूजा केवल पुरुषों के द्वारा संपन्न होती है इसमें महिला भी भाग ले सकती है किंतु वह इस संस्कार को अकेले संपन्न नहीं करा सकती। इस संस्कार में पिंड दान दिया जाता है जो कि केवल पुरुषों के द्वारा ही दिया जाता है। यह पूजा केवल त्र्यंबकेश्वर  मंदिर में ही संपन्न होती है ।

त्रिपिंडी श्राद्ध-

त्रिपिंडी श्राद्ध भी त्र्यंबकेश्वर  मंदिर में संपन्न होने वाला एक संस्कार है। यह संस्कार उस अवस्था में किया जाता है जब यह पता नहीं होता है कि पितृदोष जो किसी जातक पर लगा है वह किस पित्र के कारण हैं। यह संस्कार कुशावर्त कुंड में संपन्न होता है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजन का समय त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए 1 दिन का है यह संस्कार जिसमें लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है।

महामृत्युंजय पूजा-

त्र्यंबकेश्वर  मंदिर में महामृत्युंजय पूजा भी संपन्न होती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार महामृत्युंजय पूजा का मुख्य रूप से प्रयोग आज समय आने वाली मृत्यु को डालने के लिए, लंबी आयु के लिए या स्वास्थ्य के लिए , गंभीर कष्टों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए क्या जाता है। महामृत्युंजय पूजा नाड़ी दोष भकूट दोष गण दोष आदि दोषों के निवारण के लिए भी किया जाता है। महामृत्युंजय पूजा मुख्य रूप से सोमवार के दिन प्रारंभ की जाती है तथा दूसरे सोमवार तक इसका समापन किया जाता है।महामृत्युंजय पूजाके लिए त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजन का समय लगभग 7 से 10 दिनों का लगताहै। इस पूजा में अधिकतर 125 000 मंत्रों का जाप प्रतिदिन किया जाता है। अंतिम दिन जब जब पूरे हो जाते हैं तो समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिसमें लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

यदि आप भी उन जातकों में शामिल हैं जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष,पितृदोष है और अपने जीवन में आने वाली कठिनाइयों और समस्याओं से जूझ रहे हैं तो आप बेझिझक कालसर्प दोष शांति पूजन हेतु इस पूजन के महाज्ञाता पंडित श्री अंकित जी से अपना निशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आप अपनी जन्म कुंडली पंडित श्री अंकित जी से संपर्क कर तुरंत भेजें। पंडित अंकित जी आपको त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजन का समय निर्धारित कर पूजन सम्पन करायेगे तथा आपको शतप्रतिशत संतुष्टि प्रदान करेंगे।

काल सर्प योग पूजा अंकित गुरूजी से बुक करे 08378000068
Posts created 36

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top